_Links _News _contact_us _About Us _Privacy _Terms_of_use _FAQ _Add story _Invite a friend _Bookmark
_Home _E-mail _Photos _Videos _Members _Blogs _Forums _Groups _Classifieds _Articles _Events _Polls

अब सत्तू की भी शेखी देख लीजिए..

 
[L[New Topic]]
[L[Post Reply]]
[L[Flag/Unflag]]
 
  • [L[Author]]
  • [L[Message]]
 
neeta

[L[posts:]] 70

Apr 22, 2010 05:33    [L[Quote]]
[L[Points:]] 0   [L[Vote]]

दक्षिण दिल्ली के अंबेडकरनगर में टहल रहा था। एक साथ इतने शेखों को देखकर नज़र ठहरनी ही थी। मैंगो और बनाना शेक के एकछत्र राज में सत्तू और जौ ने सेंध मार दी है। हि्न्दी के व्याकरणाचार्यों की बिना इजाज़त के दवाइयां की जगह दवाईयां लिखने वाली दिल्ली ने शेक को शेख कर दिया है। आखिर गर्मी में इन्हीं शेकों की तो शेखी होती है। पपीता भी अब शेख कहलाने की ख्वाहिश रखता है। तरबूज ने भी लाइन में जगह बना ली है।





ग्वालियर से आए दुकानदार ने कहा कि मैंगो शेक बनाते बनाते लगा कि क्यों न सत्तू को भी ट्राइ किया जाए। बस उसने मिक्सी में दही डाला। थोड़ी देर मथने के बाद चार-पांच चम्मच जौ के सत्तू डाले। घूं-घां किया और फिर काजू बादाम पिस्ता के साथ करौंदे डाल दिये। जौ साहब शेख बनकर ग्लास में आए तो ऊपर से तरावट के लिए रूह-आफ़ज़ा ने रंग सुर्ख़ कर दिया। जब पीया तो लगा कि वाकई अंबेडकरनगर ने कुछ यूनिक काम किया है। हो सकता है दिल्ली के दूसरे इलाकों में भी सत्तू के शेख मिलते हों लेकिन एक ग्लास पानी में चार चम्मच सत्तू,नमक और नींबू डालकर पीने का अनुभव एक झटके में बदल डाला भाई ने। आवश्यकता आविष्कार की जननी है ग़लत साबित करते हुए। सत्तू शेख की खोज किसी बोरियत भरे क्षण में की गई थी। हां सत्तू का शेख पीकर बहुत मज़ा आया।

बहुत दिनों से सत्तू को स्टेटस की तलाश थी। कब्ज़ और गैस से मुक्ति दिलाने की गारंटी के कारण स्वास्थ्य कारणों से थोड़ी जगह तो मिली लेकिन क्लास नहीं बन पाया। पूरी उम्मीद है कि शेख के इस अवतार में जौ और सत्तू दोनों ऊपर वाले क्लास में भी सराहे जायेंगे। प्रवासी फू़ड है जौ और सत्तू। मज़दूरों के साथ भारत के कई हिस्सों में गया। मज़दूर मालिक बने तो सत्तू ने भी अपना स्टेटस हाई फाई कर लिया है। संगम विहार की कई दुकानों पर शेक साहब शेख साहब बन कर बिक रहे थे। ग्वालियर वाले दुकानदार ने झूठा वायदा कर दिया कि ये खोज उसकी है लेकिन जब दूसरी दुकानों पर नज़र गई तो लगा कि मामला विवादास्पद है। ख़बर की गुज़ाइश है।

_copyright