_Links _News _contact_us _About Us _Privacy _Terms_of_use _FAQ _Add story _Invite a friend _Bookmark
_Home _E-mail _Photos _Videos _Members _Blogs _Forums _Groups _Classifieds _Articles _Events _Polls

अकल बढनेकी गोलियां

 
[L[New Topic]]
[L[Post Reply]]
[L[Flag/Unflag]]
 
  • [L[Author]]
  • [L[Message]]
 
wanti

[L[posts:]] 67

Feb 04, 2009 18:08    [L[Quote]]
[L[Points:]] 0   [L[Vote]]

एक शराबी बारमें अपने हाथमें रखी तीन भूरे रंग की गोलीयोंकी तरफ लगातार देख रहा था. इतनेमें वहां संतासिंग आया. संताने उस शराबीसे पुछा, '' यह किस बातकी गोलियां है ?''

शराबीने जवाब दिया, '' अकल बढाने की ... यह गोलियां खानेसे आदमी की अकल बढती है ''

''ऐसा है क्या? ... तो फिर मुझे एक दो ना '' संताने उसके हाथमें रखी एक गोली लेकर झटसे गटक ली और उपरसे पाणी भी पी लिया.

थोडी देर बाद संताने कहा, '' मैने एक गोली खाई है .. लेकिन मुझे तो कोई फर्क नही लग रहा है ''

'' तुम्हे शायद और गोलीयां खानी पडेगी... तब कहा फर्क महसूस होगा '' शराबीने कहा.

इसलिए संताने और एक गोली खाई और उपरसे पाणी पीकर झटसे गटक ली.

थोडी देर बाद संताने उस शराबीके हाथसे तीसरी गोली ली और वह उस गोलीकी तरफ गौरसे देखने लगा. उसने उस गोलीका एक छोटा टूकडा तोडकर अपने मुंहमें डाला और धीरे धीरे चबाकर उसका स्वाद लेने लगा. अचानक उस गोली का टूकडा मुंहसे बाहर थूंकते हूए संताने कहा, '' क्यो बे... इसका स्वाद तो भैसके गोबर की तरह लग रहा है''

उस शराबीने कहा, '' देखा ... बढ गइ ना तेरी अक्*ल ''

AdMINISTRATOR

[L[posts:]] 30

Feb 06, 2009 03:06    [L[Quote]]
[L[Points:]] 0   [L[Vote]]

wanti bhabhi aapne kitni goli khayee hai

_copyright